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तुम मुझसे दूर हों इस बात का शिकवा नहीं - ' मुझे , किसी और के करीब हो बरदाश तो ये नहीं होता !.....

तेरी मोहब्बत भी बिलकुल उस किराए के घर की तरह हैं , जिसे कितना सजाया मगर मेरी ना हो सकी ! ......

तेरी हालत से लगता है तेरा अपना था कोई इतनी सादगी से बर्बाद कोई गैर नहीं करता ! .

तेरे दीदार का नशा भी अजीब है . . तु ना दिखे तो दिल तडपता हैं . . और तु दिखे तो नशा और चढता है ......

दिल में जिनको जगह दी वो मगरुर हो गये हम नजदिकियां बढाते रहे ओर वो दूर हो गये

ना आह सुनाई दी ना तड़प दिखाई दी , बर्बाद हो गए तेरे इश्क में हम बड़ी खामोशी ' के साथ......

बड़ी अजीब सी मोहब्बत थी तुम्हारी . . . पहले पागल किया . . . फिर पागल कहा . . . फिर पागल समझ कर छोड़ दिया......

मेरे दर्द ने मेरे ज़ख्मों से शिकायत की है आँसुओं ने मेरे सब्र से बगावत की है ग़म मिला है तेरी चाहत में हाँ मेरा जुर्म है कि मैंने मोहब्बत की है ! .

मैने कभी नहीं कहा कि तू भी मुझे बेपनाह प्यार कर बस इतनी सी ख्वाइश है तू मेरी मोहबात को महुसुस कर ♥️....

ये जो में होश में रेहता नहीं तुमसे मिलकर , ये मेरा इश्क़ हैं तुम इसको नशा मत समझो......

रख दो ना हाथ तुम कभी इस दिल पर यूँ । फासलों से ही मोहब्बत कब तक करें.....

रस्मों रिवाज की जो परवाह करते हैं , प्यार में वो लोग गुनाह करते हैं......